गुजरात में कोरोना के बढ़ते मामलों की एक बड़ी वजह सुपर स्प्रेडर्स हैं. गुजरात में ये संक्रमण सुपर स्प्रेडर्स की वजह से तेजी से फैल रहा है.

नई दिल्ली: देश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. वहीं गुजरात में भी इस वायरस से संक्रमित लोगो की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है. वहां इसके कई कारण है लेकिन एक कारण इस वायरस के संक्रमण के फैलने का जो है जो सुपर स्प्रेडर्स है. गुजरात में ये संक्रमण सुपर स्प्रेडर्स की वजह से तेजी से फैल रहा है.

सुपर स्प्रेडर्स यानी वो लोग जिनकी वजह से कई लोग इस संक्रमण का शिकार हो जाते हैं. ये सुपर स्प्रेडर्स आम लोगों की तरह होते हैं लेकिन जाने अनजाने ये उनके सम्पर्क आए लोगों को संक्रमित कर देते हैं. डॉक्टरों की माने तो ये सुपर स्प्रेडर्स वो लोग होते हैं जो कई लोगो के सम्पर्क मे रहते हैं. ये लोग किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने बाद खुद संक्रमित हो जाते है. इनमें से कई लोगों में लक्षण भी नहीं होते हैं.

डॉ मीनाक्षी जैन का कहना है कि सुपर स्प्रेडर वो लोग होते हैं जो संक्रमण को बहुत सारे लोगों में फैलाते हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय डिफाइन क्या है कि एक व्यक्ति जो ज्यादा लोगों में संक्रमण फैला रहा है. उसे सुपर स्प्रेडर कहते हैं. एक कूक थी, वह कई सारे लोगों के लिए खाना बनाती थी और उसने टाइफाइड का संक्रमण कई लोगों में फैलाया तो इस तरह के लोग सुपर स्प्रेडर होते हैं. यह वह लोग होते हैं जो जिन्हें संक्रमण का पता भी नही होता. वह बहुत सारे लोगों के संपर्क में आते हैं तो वो इन्फेक्शन बहुत सारे लोगों में फैला सकते हैं.”

आम तौर पर किसी वायरस से होनेवाली बीमारी में सुपर स्प्रेडर्स वो लोग होते है जो लोगो के बीच में रहते है या काम करते है. कोरोना वायरस के इस केस ने वहीं ऐसा ही है. कई फल सब्जी बेचने वाले, दुकानदार खास कर किराने की दुकान या क्लीनिंग स्टाफ होते. ये लोग दिन में कई लोगो से मिलते हैं. इनके यहां समान लेने कई लोग आते हैं. चीजो को छूते हैं. वहां खड़े रहते हैं. ऐसे में कोई संक्रमित व्यक्ति इन दुकानदारों, फल सब्जी वालों से मिले और संक्रमित कर सकता है. फिर वो संक्रमित दुकानदार या सब्जी वाला अपने यहां आए लोगों को संक्रमित करता है. वो भले खुद संक्रमित ना हो या उसमें इस बीमारी लक्षण ना दिखे तब भी.

ये सुपर स्प्रेडर कहीं भी हो सकते हैं. जरूरी नहीं है की वो सिर्फ रेड जोन या ऑरेंज जोन में रह रहे हैं या वो काम करनेवाले हो. ये किसी ग्रीन जोन में भी हो सकते हैं. ऐसे लोगो को इस समय कई सावधानी बरतने की जरुरत है.

डॉ मीनाक्षी जैन ने कहा,” कुछ ऐसा ही गुजरात में हुआ है. जहां कई लोगो में संक्रमण की वजह ये दुकानदार और सब्जी वाले बन गए है.”

इन नियमों का पालन करें

– बाज़ार में जाते समय मास्क जरूर पहनें.

– समान खरीदने के बाद और पैसे लेन देन के बाद हाथो को सेनेटाइज जरूर करे और घर आकर हाथ जरूरी धोएं.

– वहीं हर सामान को या चीज को छूने की जरुरत नहीं है.

– समान खरीद कर लाने के बाद अगर फल फ्रूट है तो अच्छे से पानी से धोले और अगर प्लास्टिक कवर में तो कुछ देर उस ऐसी जगह रखें जहां धूप हो और सूखा हो. इस्तेमाल से पहल साफ कर लें.

– जितना हो सके उतना डिजिटल पेमेंट करें. कैश लेन देन से बचें.

– घर से सामान लेने के लिए बैग या कपड़े का थैला ले जाएं, जिसे बाद में धोया जा सकता है.

– लोगों से दुकानदार और सब्जी और फल बेचनेवाले से उचित दूरी पर रहे.

– ये भी देखे की जहां आप समान ले रहे हैं उन्होंने मास्क पहना हो.

ये कुछ सावधानी है को बरतने की इस वक़्त जरूरत है क्योंकि जरूरी नहीं है. कोई संक्रमित व्यक्ति के लक्षण हो या फिर किसी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क आया व्यक्ति तुरंत बीमार पड़े. ऐसे में कुछ सावधानी ही अपना बचाव है.



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