• Post published:June 10, 2020
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एसबीआई की तर्ज पर कई और बैंक भी अपनी एमसीएलआर में कटौती का ऐलान कर सकते हैं.

एसबीआई ने मार्जिन कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लैंडिंग रेट यानी MCLR में चौथाई फीसदी की कटौती कर दी है. इससे बैंक के होम लोन की ब्याज दरें कम हो सकती हैं. एसबीआई ने दरों में कटौती हर अवधि की लोन दरों के लिए की है.

नए रेट के बाद एसबीआई का एमसीएलआर एक साल के लिए घटकर 7.00 फीसदी रह गया है. इससे  पहले यह एक साल के लिए 7.25 फीसदी पर था. नई दरें 10 जून 2020 से लागू होंगी. बैंक ने एक्सटर्नल लिंक्ड ब्याज दरों में भी 40 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है.एसबीआई ने एमसीएलआर में लगातार 13वीं बार कटौती की है.  बैंक ने  अपने बेस रेट में भी कटौती की है. अब नई दर 7.40 फीसदी है. पहले बेस रेट  8.15 फीसदी था. नई बेस दरें भी 10 जून 2020 से लागू हो जाएंगी.

होम लोन की ईएमआई हो सकती है कम 

इन कटौतियों का फायदा नए लोन लेने वालों का मिलेगा. इससे उनकी ईएमआई अब कम हो जाएगी. एसबीआई की तर्ज पर कई और बैंक भी अपनी एमसीएलआर में कटौती का ऐलान कर सकते हैं.

दरअसल कोरोना संक्रमण की वजह से आर्थिक गतिविधियों में कमी आई है. इससे लोन की मांग में कमी आई  है. यही वजह है कि बैंक ब्याज दर घटा कर इसे बढ़ाना चाह रहे हैं.कोरोना संकट की वजह से सभी बैंकों ने लोन ग्राहकों को छह महीने लोन न चुकाने की छूट दी है. हालांकि एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि छूट के बावजूद एसबीआई के सिर्फ 21.8 फीसदी ग्राहकों ने छूट के लिए आवेदन दिया है. उन्होंने कहा कि 82 फीसदी ग्राहकों ने लॉकडाउन के दौरान दो या आधिक ईएमआई दी है. उन्होंने कहा कि एसबीआई के पास फंड की कमी नही है. उसके पास अभी एक लाख करोड़ रुपये हैं, जिससे वह किसी भी आपात स्थिति से निपट सकता है. उसका फिलहाल बाजार से पूंजी जुटाने का कोई इरादा नहीं है.

 

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