• Post published:June 16, 2020
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Living with parents during the pandemic

 

  • अगर आप ससुराल में हैं तो वहां किसी विवाद में न शामिल हों, अपने साथी को घर की स्थिति संभालने दें
  • पैरेंट्स और बड़े बच्चे एक-दूसरे को व्यस्क मानकर काम करें, इससे आप एक-दूसरे को बेहतर समझ पाएंगे

जेसिका ग्रोस. कुछ हफ्ते पहले की बात है। मेरी मां ने पाया कि मैं सुबह 9 बजे से पहले तीसरी बार कॉफी पी रही थी। वो बोलीं- यह तुम्हारे लिए सही नहीं है। मैं उनसे बोली- मां यह ड्रग्स नहीं है। लेकिन मैंने ध्यान नहीं दिया कि मेरी 7 साल की बेटी भी वहीं खड़ी थी। उसने मुझसे पूछा- ड्रग्स क्या होता है? यह ऐसी बातचीत थी जो मैं नहीं करना चाहती थी। (Living with parents during the pandemic)

मैं बहुत आभारी हूं कि मेरे पास दो पैरेंट्स हैं, जो एकदम स्वस्थ्य हैं। मेरे पैरेंट्स मेरी और मेरे बच्चों की मदद करना चाहते हैं। इस वक्त कई परिवार अपने बुजुर्गों को मिस कर रहे होंगे, लेकिन हालात के कारण वे उनके साथ नहीं हो सकते।(Living with parents during the pandemic)

3 करोड़ अमेरिकी एक ही घर में तीन पीढ़ियों के साथ रह रहे

दुनिया की कई सभ्यताओं और देशों में जो व्यस्क अपने पैरेंट्स के साथ रहते हैं, उन्हें आदर्श माना जाता है। लगभग 3 करोड़ अमेरिकी महामारी के पहले से ही एक घर में तीन पीढ़ियों के साथ रह रहे हैं। क्लार्क यूनिवर्सिटी में साइकोलॉजी के प्रोफेसर जैफरी जेंसन आर्नेट के मुताबिक, फर्क नहीं पड़ता कि यह कितना आम है और हम यह क्यों कर रहे हैं, लेकिन एक व्यस्क के तौर पर कहीं भी और कभी भी माता-पिता के साथ रहना भावनात्मक रूप से मुश्किल है। ऐसे में मैंने डॉक्टर आर्नेट और साइकोलॉजिस्ट जोशुआ कोलमैन से पूछा कि कैसे एक साथ कई पीढ़ियों का साथ रहना सभी के लिए कंफर्टेबल हो सकता है।(Living with parents during the pandemic)

परिवार के साथ रहने पर इन 4 बातों का ध्यान रखें-

  • नियम तय कर लें: डॉक्टर कोलमैन के अनुसार, दादा-दादी के साथ रहने से पहले ही आपको घर में खाना बनाने, साफ सफाई, बच्चों के ध्यान को लेकर बातचीत करनी चाहिए। इससे यह पता लग सकेगा कि कौन कब क्या काम कर रहा है। कई लोग जो महामारी के कारण माता-पिता के घर जल्दी में आ गए और उन्हें बातचीत का वक्त नहीं मिला। यह आप कभी भी कर सकते हैं।
  • विवादों से तुरंत निपटें: डॉक्टर आर्नेट कहते हैं कि अलग-अलग विचार पारिवारिक जीवन की सच्चाई है। आपको विवादों को लेकर दोषी महसूस नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह आम है। यह काफी सारे प्यार और समर्थन के साथ रहता है। अगर विवाद उठता है तो उसके बारे में जितना जल्दी हो सके बात कर लें। डॉक्टर कोलमैन ने बताया कि आपको सम्मान के साथ पहल करनी चाहिए। उदारहरण के लिए घर में विवाद का कारण है कि बच्चों की परवरिश कैसी हो रही है। हो सकता है कि दादा-दादी बच्चों को ट्रीट दे रहे हों। ऐसे में आप शांति और सम्मान से बात कर सकते हैं। (Living with parents during the pandemic)
  • ससुराल के विवाद में न पड़ें: डॉक्टर कोलमैन के मुताबिक, आपके साथी को विवाद संभालने दें। पैरेंट्स और बच्चों का रिश्ता ज्यादा लचीला होता है। ऐसे में विवाद से दूर रहें।
  • एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति रखें: डॉक्टर आर्नेट कहते हैं कि अगर बड़े बच्चे और पैरेंट्स एक-दूसरे को व्यस्क मानकर काम करेंगे तो बेहतर होगा।आपके पैरेंट्स आपको अभी तक उस बच्चे की तरह देखते हैं जो टूथेपेस्ट खा लेता है। इसी तरह आप भी बड़ों को परेशान करने वाला मानते हैं, जो आपको टीनएजर की तरह नहीं समझता। अगर आप एक-दूसरे को साथी की तरह देखेंगे तो चीजें बेहतर होंगी।

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