• Post published:July 4, 2020
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  • अब 18 से 23 जुलाई को होने वाली JEE Main 1 से 6 सितंबर के बीच होगी
  • 23 अगस्त को होने वाली JEE Advance अब 27 सितंबर को आयोजित होगी
  • 26 जुलाई को होने वाली मेडिकल एंट्रेस NEET एग्जाम अब 13 सितंबर को होगी

देश में कोरोना लॉकडाउन के चलते निरस्त हुई बोर्ड परीक्षाओं के बाद अब JEE और NEET एंट्रेंस एग्जाम को भी टाल दिया गया है। शुक्रवार शाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर बताया कि अब ये तीनों परीक्षाएं सितंबर में आयोजित की जाएंगी। जेईई मेन का आयोजन 18 जुलाई से 23 जुलाई और नीट 2020, 26 जुलाई को आयोजित किया जाना था लेकिन अब ये तीनों ही 1 से 27 सितंबर के बीच होगी।

स्टूडेंट्स और पैरेंट्स के निवेदन के मद्देनजर मंत्रालय ने इन परीक्षाओं का स्थिति के आकलन के लिए विशेषज्ञ की एक कमेटी गठित की थी, जिसने आज मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी और उसके बाद इन्हें आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया।

इन परीक्षाओं की तारीखों में ये बदलाव हुआ

एंट्रेस एग्जामपहले की तारीखनई तारीख
JEE Main 18 से 23 जुलाई 1 से 6 सितंबर
JEE Advance 23 अगस्त 27 सितंबर
NEET 26 जुलाई 13 सितंबर
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने दी थी जानकारी

CSBE की बची परीक्षा रद्द होने के बाद से ही नीट और जेईई को लेकर स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर मुहिम भी चला रखी है। मिडिल ईस्ट के देशों के स्टूडेंस के पैरेंट्स ने भी विदेश में परीक्षा केंद्र बनाने या परीक्षा टालने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की हुई है।

  • JEE और NEET पर दो एक्सपर्ट की राय

इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी परीक्षा- ज्वॉइंट एंट्रेस एग्जाम (JEE) एक्सपर्ट विकास लोया कहते हैं : जेईई परीक्षा को लेकर 12वीं में कुछ न्यूनतम परसेंटेज का क्राइटेरिया रहता है। उम्मीद है एमएचआरडी इस क्राइटेरिया में इस साल छूट देगा। क्योंकि इंटरनल असेसमेंट में ये आकलन करना जरा मुश्किल है कि कौन स्टूडेंट उस क्राइटेरिया को पूरा कर पाएगा कौन नहीं?

मेरा आकलन है कि JEE की परीक्षा भले ही देरी से होगी पर होगी जरूर। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए JEE MAINS और JEE ADVANCE परीक्षा को अधिक शिफ्ट्स में बांटने की आवश्यकता है। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए बच्चों को मोटिवेटेड बनाए रखना सबसे ज़रूरी है।

मेडिकल की सबसे बड़ी परीक्षा- नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) एक्सपर्ट अमित गुप्ता के अनुसार: जो स्टूडेंट गंभीरता से पढ़ाई करते हैं। वे चाहते थे कि 12वीं के सभी पेपर हों। ऐसे में अगर वो नीट की भी तैयारी कर रहे हैं, तो उनका ज्यादा आत्मविश्वास गिरने का डर है। इसके अलावा पॉलिसी लेवल पर भी कई चुनौतियां हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइन है कि नीट देने के लिए बायोलॉजी के पेपर में पास होना जरूरी है।

ऐसे में सवाल ये है कि जिन स्टूडेंट्स का बायोलॉजी विषय का पेपर छूट गया है, क्या वे नीट दे सकेंगे? सरकार के स्तर पर यह स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। परीक्षा जल्दी करानी है तो इसे शिफ्ट्स में बांटना होगा।

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