Arogya Sanjeevani Policy

 

  • इस स्टैण्डर्ड हेल्थ पॉलिसी की शुरुआत 1 अप्रैल से की गई थी
  • ये पॉलिसी कोरोना के साथ ही बुनियादी स्वास्थ्य जरूरतें भी कवर करेगी

नई दिल्ली. कोरोनावायरस को देखते हुए इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (इरडा) ने बीमा कंपनियों को आरोग्य संजीवनी पॉलिसी को लॉन्च करने को कहा था। इसके तहत साधारण और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से बुनियादी स्वास्थ्य जरूरतों के लिए अधिकतम 5 लाख और न्यूनतम एक लाख रुपए वाला प्रोडक्ट अनिवार्य तौर पर ऑफर करने के लिए कहा गया था। लेकिन अब इसके तहत न्यूनतम 50 हजार और 5 लाख से ज्यादा का कवर मिल सकेगा। इरडा ने बीमा कंपनियों को इस पॉलिसी को बदलाव के साथ फिर से लांच करने को कहा है। 

इसमें मिलेंगी ये सुविधाएं

  • इस पॉलिसी के तहत अस्पताल में भर्ती का खर्च, कम सीमा के साथ मोतियाबिंद जैसे अन्य खर्च, दांतों का इलाज, बीमारी या दुर्घटना के कारण जरूरी होने वाली पलास्टिक सर्जरी, सभी प्रकार के डेकेयर इलाज, एंबुलेंस खर्च (प्रति हॉस्पिटलाइजेशन अधिकतम 2,000 रुपए) शामिल हैं। (Arogya Sanjeevani policy)
  • आयुष के तहत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती के खर्च, अस्पताल में भर्ती होने से 30 दिन पहले तक का खर्च और अस्पताल से छुट्‌टी देने के बाद 60 दिनों तक के खर्च को भी कवर किया जाएगा। (Arogya Sanjeevani policy)
  • इरडा ने कहा कि प्रत्येक क्लेम फ्री पॉलिसी के साल के लिए सम इंश्योर्ड (बोनस को छोड़कर) को 5 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा। इसके साथ शर्तें होंगी। बिना ब्रेक के पॉलिसी का नवीनीकरण होगा।
  • इस उत्पाद में किसी प्रकार के डिडक्टीबल्स की अनुमति नहीं है।
  • योजना को फैमिली फ्लोटर आधार पर भी पेश किया जाएगा। इसे गंभीर बीमारी कवर या लाभ आधारित कवर के साथ जोड़ा नहीं जाएगा।
  • इरडा ने पॉलिसी लेने के लिए न्यूनतम 18 साल और अधिकतम 65 साल की सीमा तय की है।
  • इस पॉलिसी के तहत सेक्शन 80D के तहत कर छूट का लाभ भी मिलेगा।

फ्लोटर प्लान में भी मिलेगा कवर
इसे एक व्यक्तिगत या पारिवारिक फ्लोटर प्लान के तहत भी खरीद सकते हैं। इसमें पति-पत्नी, बच्चे, माता-पिता सभी शामिल होते हैं। इसमें प्रीमियम को अपने मुताबिक मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर पर सकते हैं। (Arogya Sanjeevani policy)

क्यों शुरू की गई ये पॉलिसी?
इरडा के अनुसार बाजार में ज्यादा पॉलिसी होने के ग्राहक को बीमा पॉलिसी चुनने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए साधारण और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को एक मानक पॉलिसी लाने का निर्देश देने का फैसला किया गया। (Arogya Sanjeevani policy)

यह भी पढ़ें: एंटोनियो माइनो (सोनिया गांधी)

Leave a Reply